शिवपुरी कलेक्टर की दो टूक, अफवाहें फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

शिवपुरी कलेक्टर की दो टूक, अफवाहें फैलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई

भोपाल, डेस्क रिपोर्ट।  ग्वालियर चम्बल संभाग (gwalior chambal division) के जिलों में बने बाढ़ (flood) के हालातों पर धीरे धीरे काबू किया जा रहा हैं, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हालातों पर नजर बनाये हुए हैं , ग्राउंड पर पहुंचकर खुद राहत और बचाव कार्यों को देख रहे हैं , मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (cm shivraj singh chauhan) भी आज बुधवार को बाढ़ग्रस्त क्षत्रों का हवाई जायजा ले रहे हैं, इस बीच कुछ लोग मड़ीखेड़ा बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने और बांध के टूटने जैसे अफवाहें फैला रहे हैं।  शिवपुरी कलेक्टर ने इस तरह की अफवाहों का खंडन किया है।

एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ से बात करते हुए शिवपुरी कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह (Collector Shivpuri Akshay Kumar Singh) ने कहा कि किसी को पैनिक होने की जरुरत नहीं है, फिलहाल पानी छोड़े जाने का कोई फैसला नहीं है लेकिन मड़ीखेड़ा के पिछले क्षेत्र में बारिश हो रही है इसलिए यदि बांध का वाटर लेवल बढ़ेगा तो परिस्थिति को देखते हुए पानी छोड़ने का फैसला लिया जायेगा।

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शिवपुरी कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने कहा कि लोगों को घबराने की जरुरत नहीं है  जिला प्रशासन और मध्यप्रदेश सरकार उनके साथ है।  उन्होंने अफवाहें फ़ैलाने वालों से सावधान रहने की अपील की है। कलेक्टर ने कहा कि बांध का अलार्म बजाना ऐसे हालातों में एक रूटीन प्रक्रिया है जिससे लोग सतर्क रहें, लापरवाह ना हो जाएँ। उन्होंने कहा कि आसपास के गांवों में मुनादी भी करवाई जा रही है कि ग्रामीण जलधारा से दूर रहें।

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शिवपुरी कलेक्टर ने कहा कि जो शरारती तत्व बांध से जुड़ी या किसी भी तरह की अफवाह फैला रहे हैं उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा, मैं आज ही इसके लिए एक आदेश जारी कर रहा हूँ।

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दरअसल पिछले दिनों भारी बारिश के कारण मड़ीखेड़ा बांध का जलस्तर बढ़ गया था और बढ़ते जलस्तर के बाद बांध के  गेट खोल दिए गए थे जिससे बांध का पानी छोड़ दिया गया। भारी बारिश और मड़ीखेड़ा बांध से पानी छोड़े जाने से नदियां उफान पर आ गई। बहुत से गांवों में पानी भर गया और बाढ़ के हालात पैदा हो गए। जिस पर नियंत्रण किया जा रहा है।

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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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